काल भैरव स्तुति Kaal Bhairav Stuti

काल भैरव भगवान शिव के रूद्र रूपों में से एक हैं। उन्हें ‘समय का भगवान’ माना जाता है। काल भैरव की उपासना मुख्य रूप से उत्तर भारत में की जाती है। काल भैरव को समर्पित एक प्रमुख स्तुति ‘काल भैरव स्तुति’ है। यह एक शक्तिशाली स्तुति है जिसके जाप से कई लाभ प्राप्त होते हैं। (See कृष्ण चालीसा in hindi)

Kaal Bhairav Stuti Lyrics – काल भैरव स्तुति

॥ काल भैरव स्तुति॥

यं यं यं यक्षरूपं दशदिशिविदितं भूमिकम्पायमानं, सं सं संहारमूर्तिं शिरमुकुटजटाशेखरं चन्द्रबिम्बम् ॥
दं दं दं दीर्घकायं विकृतनखमुखं चोर्ध्वरोमं करालं, पं पं पं पापनाशं प्रणमत सततं भैरवं क्षेत्रपालम् ॥ १ ॥
रं रं रं रक्तवर्णं कटिकटिततनुं तीक्ष्णदंष्ट्राकरालं, घं घं घं घोषघोषं घ घ घ घ घटितं घर्घरं घोरनादम् ॥
कं कं कं कालपाशं धृकधृकधृकितं ज्वालितं कामदेहं, तं तं तं दिव्यदेहं प्रणमत सततं भैरवं क्षेत्रपालम् ॥ २ ॥
लं लं लं लं वदन्तं ल ल ल ल ललितं दीर्घजिह्वाकरालं, धुं धुं धुं धूम्रवर्णं स्फुटविकटमुखं भास्करं भीमरूपम् ॥
रुं रुं रुं रुण्डमालं रवितमनियतं ताम्रनेत्रं करालं, नं नं नं नग्नभूषं प्रणमत सततं भैरवं क्षेत्रपालम् ॥ ३ ॥
वं वं वं वायुवेगं नतजनसदयं ब्रह्मपारं परं तं, खं खं खं खड्गहस्तं त्रिभुवननिलयं भास्करं भीमरूपम् ॥
चं चं चं चं चलित्वा चलचलचलितं चालितं भूमिचक्रं, मं मं मं मायिरूपं प्रणमत सततं भैरवं क्षेत्रपालम् ॥ ४ ॥
शं शं शं शङ्खहस्तं शशिकरधवलं मोक्षसंपूर्णतेजं, मं मं मं मं महान्तं कुलमकुलकुलं मन्त्रगुप्तं सुनित्यम् ॥
यं यं यं भूतनाथं किलिकिलिकिलितं बालकेलिप्रधानं, अं अं अं अन्तरिक्षं प्रणमत सततं भैरवं क्षेत्रपालम् ॥ ५ ॥
खं खं खं खड्गभेदं विषममृतमयं कालकालं करालं, क्षं क्षं क्षं क्षिप्रवेगं दहदहदहनं तप्तसन्दीप्यमानम् ॥
हौं हौं हौंकारनादं प्रकटितगहनं गर्जितैर्भूमिकम्पं, बं बं बं बाललीलं प्रणमत सततं भैरवं क्षेत्रपालम् ॥ ६ ॥
सं सं सं सिद्धियोगं सकलगुणमखं देवदेवं प्रसन्नं, पं पं पं पद्मनाभं हरिहरमयनं चन्द्रसूर्याग्निनेत्रम् ॥
ऐं ऐं ऐश्वर्यनाथं सततभयहरं पूर्वदेवस्वरूपं, रौं रौं रौं रौद्ररूपं प्रणमत सततं भैरवं क्षेत्रपालम् ॥ ७ ॥
हं हं हं हंसयानं हपितकलहकं मुक्तयोगाट्टहासं, धं धं धं नेत्ररूपं शिरमुकुटजटाबन्धबन्धाग्रहस्तम् ॥
टं टं टं टङ्कारनादं त्रिदशलटलटं कामवर्गापहारं, भृं भृं भृं भूतनाथं प्रणमत सततं भैरवं क्षेत्रपालम् ॥ ८ ॥
इत्येवं कामयुक्तं प्रपठति नियतं भैरवस्याष्टकं यो, निर्विघ्नं दुःखनाशं सुरभयहरणं डाकिनीशाकिनीनाम् ॥
नश्येद्धिव्याघ्रसर्पौ हुतवहसलिले राज्यशंसस्य शून्यं,सर्वा नश्यन्ति दूरं विपद इति भृशं चिन्तनात्सर्वसिद्धिम्  ॥ ९ ॥
भैरवस्याष्टकमिदं षण्मासं यः पठेन्नरः ॥
स याति परमं स्थानं यत्र देवो महेश्वरः ॥ १० ॥

Kaal Bhairav ji ki Stuti Lyrics in Hindi PDF काल भैरव स्तुति PDF

Kaal Bhairav Stuti Lyrics in Hindi Image

kaal bhairav stuti lyrics

काल भैरव कौन हैं?

काल भैरव भगवान शिव का ही एक स्वरूप है जो सृष्टि के विनाशक के रूप में पूजित किया जाता है। उन्हें ‘काल’ यानि समय का स्वामी माना जाता है। वे अति भयानक, क्रोधी और उग्र स्वभाव के हैं। उनका वाहन कुत्ता है। वे मृत्यु को अपने हाथ में धारण करते हैं। काल भैरव की उपासना से भक्त अपने सभी भयों और पापों से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त कर सकता है। काल भैरव भगवान शिव का ही एक स्वरूप है जो सृष्टि के विनाशक के रूप में पूजित किया जाता है। उन्हें ‘काल’ यानि समय का स्वामी माना जाता है। वे अति भयानक, क्रोधी और उग्र स्वभाव के हैं। उनका वाहन कुत्ता है। वे मृत्यु को अपने हाथ में धारण करते हैं। काल भैरव की उपासना से भक्त अपने सभी भयों और पापों से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त कर सकता है।

काल भैरव स्तुति का प्रयोग कैसे करें

काल भैरव स्तुति का प्रयोग करने के लिए निम्नलिखित कदमों का पालन करें:

  • प्रात: स्नान करें और शुद्ध मन से बैठें।
  • काल भैरव की मूर्ति या फोटो के समक्ष बैठें।
  • काल भैरव स्तुति का पाठ करें और मन्त्र का जाप करें।
  • आराधना के बाद, भगवान काल भैरव से अपनी इच्छाएं मांगें और उनकी कृपा का आशीर्वाद प्राप्त करें।

काल भैरव स्तुति के लाभ

काल भैरव स्तुति के प्रयोग से निम्नलिखित लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं:

  • आत्मविश्वास में वृद्धि
  • पैसे की समस्याओं का समाधान
  • संघर्षों का समाधान
  • शांति और सुख की प्राप्ति

समापन

काल भैरव स्तुति एक शक्तिशाली मंत्र है जो आपके जीवन को समृद्धि और सुखमय बना सकता है। इसका प्रयोग ईश्वर के प्रति आदर और विश्वास के साथ करें और उनके आशीर्वाद की कामना करें।

FAQs (पूछे जाने वाले सवाल)

क्या काल भैरव स्तुति का प्रयोग हर किसी के लिए किया जा सकता है?

हां, कोई भी इसका प्रयोग कर सकता है, अगर वह भगवान काल भैरव के प्रति श्रद्धापूर्ण है।

क्या काल भैरव स्तुति का प्रयोग किसी भी समय किया जा सकता है?

हां, आप किसी भी समय काल भैरव स्तुति का प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन शुभ मुहूर्त में करने का फायदा अधिक होता है।

क्या काल भैरव स्तुति का प्रयोग करने से कोई नकारात्मक प्रभाव होता है?

नहीं, काल भैरव स्तुति का प्रयोग शुभ और सकारात्मक प्रभाव पैदा करता है और किसी को हानि नहीं पहुंचाता है।

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